मानसून ने थाम दी चारधाम यात्रा की रफ्तार, भक्तों की संख्या घटी

उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होते ही चारधाम यात्रा की गति पर ब्रेक लग गया है। खासकर केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में आई भारी कमी से स्थानीय व्यापारियों और होटल व्यवसायियों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है।

केदारनाथ में भक्तों की संख्या में रिकॉर्ड गिरावट

इस वर्ष मई में 6 लाख 96 हजार 934 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे थे, जबकि जून में यह संख्या 6 लाख 18 हजार के पार रही। लेकिन जुलाई के पहले 9 दिनों में केवल 27,280 भक्त ही धाम तक पहुंच पाए हैं।

  • बुधवार को सिर्फ 1165 श्रद्धालु केदारनाथ में दर्शन के लिए पहुंचे — जो इस यात्रा सत्र का सबसे न्यूनतम आंकड़ा है।
  • रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे और गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग बारिश के चलते बार-बार बाधित हो रहे हैं, जिससे यात्रा प्रभावित हो रही है।

व्यापार और बुकिंग पर गहरा असर

केदारनाथ के स्थानीय व्यवसायी राकेश नेगी का कहना है कि यात्रा में कमी से कैंटीन व अन्य दुकानें ठप पड़ गई हैं। गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) और बीकेटीसी के अनुसार बुकिंग में लगातार गिरावट आ रही है।

बीकेटीसी के अधिकारी युदवीर पुष्पवाण के अनुसार, जून के तीसरे सप्ताह से रोजाना सिर्फ 1,500 से 2,000 यात्री ही पहुंच रहे हैं।

बदरीनाथ में भी होटल व्यवसाय मंदा

बदरीनाथ धाम, जहां 11 लाख 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अब तक पहुंच चुके हैं, वहां भी होटल व्यवसाय में 15–20% तक गिरावट आई है।

होटल व्यवसायियों का कहना है कि:

  • ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया ने तीर्थ यात्रियों की सहजता को प्रभावित किया है।
  • भारत-पाक तनाव और हेली दुर्घटनाओं ने यात्रियों, विशेषकर उच्च वर्ग को पीछे हटने पर मजबूर किया।
  • लगातार बारिश और हाईवे बंद होने से बुकिंग रद्द हो रही हैं।

होटल व्यवसायी अंशुमान भंडारी का कहना है कि 15 जून के बाद उनके होटल की बुकिंग में 50% की गिरावट आई है।

बदरीनाथ और हेमकुंड में सबसे कम दर्शन

बृहस्पतिवार, 10 जुलाई को इस यात्रा सीजन का सबसे कम यात्रियों वाला दिन रहा:

  • बदरीनाथ पहुंचे सिर्फ 1,794 श्रद्धालु
  • हेमकुंड साहिब पहुंचे 534 श्रद्धालु

अब तक:

  • बदरीनाथ धाम में कुल 11,45,510 श्रद्धालु
  • हेमकुंड साहिब में कुल 2,09,073 श्रद्धालु

क्या कहता है प्रशासन?

प्रशासन की ओर से सभी मार्गों को जल्द खोलने की कोशिश जारी है। SDRF, BRO और PWD की टीमें तैनात हैं। फिर भी मौसम की मार से इस आस्था यात्रा की रफ्तार थमती जा रही है।

 

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