उत्तराखंड पुलिस ने एक बड़ी अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो एमडीएमए (मेथिलीन डाई ऑक्सी मेथाम्फेटामाइन) जैसी खतरनाक ड्रग तैयार कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच रहा था। गिरोह का सरगना कुनाल कोहली मुंबई से गिरफ्तार किया गया है।
संयुक्त कार्रवाई में खुला रैकेट का राज
स्पेशल टास्क फोर्स (STF), चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की। सरगना कुनाल कोहली के पास से 7.41 ग्राम तैयार एमडीएमए और भारी मात्रा में प्रिकर्सर केमिकल (रॉ मटेरियल) जब्त किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 12 करोड़ की कीमत
जब्त ड्रग्स और रासायनिक सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह गिरोह न केवल उत्तराखंड में बल्कि मुंबई, नेपाल और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन के जरिए इस नेटवर्क को संचालित कर रहा था। अब तक गिरोह के सात सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं और एक आरोपी फरार है, जिसके नेपाल भागने की आशंका जताई जा रही है।
पृष्ठभूमि: मुंबई से शुरू हुआ था सुराग
उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, इस गिरोह की जानकारी तब मिली जब 31 मई को मुंबई के ठाणे पुलिस ने बल्लीराम गुप्ता और भीम यादव को 11 ग्राम एमडीएमए के साथ पकड़ा। इनकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और उत्तराखंड लिंक का खुलासा हुआ।
गिरोह का संचालन कैसे करता था
- गिरोह एमडीएमए बनाने के लिए केमिकल्स उत्तराखंड और मुंबई में स्टोर करता था।
- तैयार ड्रग्स को छोटे पैकेटों में पैक कर डार्क वेब, सोशल मीडिया और निजी नेटवर्क के जरिए बेचते थे।
- नेपाल के रास्ते इसे बांग्लादेश और म्यांमार तक भेजने की योजना थी।
पुलिस महानिदेशक ने की पुष्टि
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गिरोह के तार अंडरवर्ल्ड से भी जुड़े हैं और इस पूरे नेटवर्क को ड्रग माफिया की तरह पेशेवर तरीके से संचालित किया जा रहा था।
आगे की कार्रवाई
- फरार आरोपी की तलाश में नेपाल बॉर्डर पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
- एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) और इंटरपोल से भी मदद मांगी गई है।
- डिजिटल ट्रांजैक्शन और इंटरनेशनल कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं।