हरिद्वार। सावन के पावन अवसर पर आयोजित कांवड़ यात्रा 2025 अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है और श्रद्धा का अनुपम उदाहरण पेश कर रही है। धर्मनगरी हरिद्वार से अब तक तीन करोड़ 56 लाख 90 हजार से अधिक शिवभक्त गंगाजल भरकर अपने गंतव्यों की ओर लौट चुके हैं। रविवार शाम से लेकर सोमवार शाम तक ही 55 लाख कांवड़ यात्री जल लेकर रवाना हुए। इस भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने अभूतपूर्व व्यवस्थाएं की हैं।
हरकी पैड़ी, भीमगोडा, सुभाष घाट और अन्य प्रमुख गंगा घाटों पर सोमवार को भारी भीड़ देखी गई। श्रद्धालु “बोल बम” और “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ गंगाजल लेकर घर की ओर दौड़ पड़े।

पुलिस और प्रशासन सतर्क
हरिद्वार से लेकर ऋषिकेश तक पूरे रूट पर पुलिस और प्रशासन मुस्तैद रहा। ऋषिकेश के श्यामपुर फाटक पर ट्रेन के कारण लगे भीषण जाम को खोलवाने के लिए एसएसपी देहरादून अजय सिंह और एसपी ऋषिकेश स्वयं मौके पर पहुंचे। एक कांवड़ यात्री के बेहोश हो जाने पर एसएसपी अजय सिंह ने खुद दौड़कर सहायता पहुंचाई और उसे तुरंत अस्पताल भिजवाया गया।
दौड़ती कांवड़: नई रफ्तार, नया जोश
इस वर्ष कांवड़ यात्रियों में अभूतपूर्व जोश देखने को मिल रहा है। डाक कांवड़ यात्रियों की टोलियां इतनी तेज रफ्तार में चल रही हैं कि हरिद्वार से मेरठ, शामली, हापुड़ और गाजियाबाद तक की दूरी वे कुछ ही घंटों में तय कर रहे हैं। बागपत के कांवड़ यात्रियों ने 6 घंटे में 180 किमी जबकि गाजियाबाद के युवकों ने 7 घंटे में 195 किमी दौड़ने का दावा किया है।
गाजियाबाद के श्रद्धालु आशीष और मोहित ने बताया कि उन्होंने सुबह 8 बजे जल भरा और बिना रुके अब सीधे हिंडन घाट तक दौड़ने का संकल्प लिया है।