देहरादून में तैनात हुए नए डी-वाटरिंग पंप, 12 जोनों में क्यूआरटी सक्रिय

मानसून सीजन में देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की पुरानी समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में हाल ही में खरीदे गए 17 डी-वाटरिंग पंपों को सोमवार को विधिवत पूजा-अर्चना के बाद फील्ड में उतारा गया।

सविन बंसल
सविन बंसल

जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान और 12 जोनों का निर्धारण

देहरादून नगर निगम क्षेत्र के जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर इन्हें 12 अलग-अलग जोनों में बांटा गया है। हर जोन में एक डी-वाटरिंग पंप की तैनाती की गई है ताकि बारिश के दौरान जलनिकासी कार्य में कोई देरी न हो। साथ ही जोनवार उत्तरदायी अधिकारी और विभाग भी निर्धारित किए गए हैं।

क्विक रिस्पांस टीम (QRT) की तैनाती

जलभराव की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए हर जोन में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया गया है। इन टीमों की कमान सीनियर अधिकारियों को सौंपी गई है:

  • सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह
    • क्षेत्र: प्रिंस चौक, बल्लूपुर, कैंट, बिंदाल पुल, आइटी पार्क, तपोवन, रायपुर रोड, सहस्रधारा रोड, ऊषा कालोनी आदि।
  • उपजिलाधिकारी सदर हर गिरि
    • क्षेत्र: 06 नंबर पुलिया, रायपुर स्टेडियम, रिस्पना नदी क्षेत्र, कांवली रोड, चंद्रबनी, जीएमएस रोड, आशारोड़ी आदि।
  • उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी
    • क्षेत्र: आइएसबीटी, महंत इंद्रेश अस्पताल, कारगी, बंगाली कोठी, मोथेरोंवाला, पंडितवाड़ी, सीमाद्वार, बंजारावाला, आर्केडिया ग्रांट आदि।

इन अधिकारियों के साथ 30 अतिरिक्त अधिकारियों को भी फील्ड में तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई हो सके।

ऋषिकेश और डोईवाला में भी विशेष इंतजाम

जलभराव की समस्या को देखते हुए ऋषिकेश और डोईवाला क्षेत्रों के लिए भी 5 डी-वाटरिंग पंपों की तैनाती की गई है। इनका संचालन भी शुरू कर दिया गया है जिससे वहां के नागरिकों को राहत मिलेगी।

त्वरित कार्रवाई ही प्राथमिकता

प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी भी क्षेत्र में जलभराव की सूचना मिलते ही रिस्पांस टाइम न्यूनतम रहे और तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके। इस योजना के लागू होने से देहरादून के नागरिकों को भारी बारिश के दौरान बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

 

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