उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में नाबालिग बेटी के यौन शोषण के सनसनीखेज मामले में फंसी पूर्व भाजपा महिला नेता और उसके प्रेमी सुमित पटवाल को कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद दोनों आरोपियों को जिला कारागार से निकालकर रानीपुर कोतवाली पहुंचाया, जहां एसआईटी की टीम गहन पूछताछ कर रही है।

मथुरा और आगरा से जुटाए जाएंगे डिजिटल साक्ष्य
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने की आवश्यकता है, जिसके लिए आरोपियों को मथुरा और आगरा भी ले जाया जाएगा। एसआईटी की टीम इन शहरों से डिजिटल डिवाइस, चैट रिकॉर्ड्स, और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत एकत्र करने का प्रयास करेगी।
महिला नेता ने लगाया पति पर आरोप
पुलिस रिमांड से पहले महिला नेता ने मीडिया और पुलिस के सामने अपने पति पर साजिश का आरोप लगाया। महिला ने दावा किया कि,
“मुझे फंसाया जा रहा है। यह पूरा मामला प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा है।”
हालांकि पुलिस का कहना है कि मामला अत्यंत गंभीर है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। बच्ची का बयान पहले ही मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया जा चुका है और मेडिकल जांच में भी शोषण की पुष्टि हुई है।
राजनीतिक हलकों में हलचल
इस घटना के सामने आने के बाद भाजपा ने तत्काल प्रभाव से महिला नेता को पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी के जिला और प्रदेश स्तरीय नेताओं ने इस मामले से पार्टी का कोई संबंध नहीं होने की बात कही है।