उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप ले लिया है। मंगलवार सुबह उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव की खीरगंगा में आई भीषण बाढ़ ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी। पानी का सैलाब गांव की ओर बढ़ते ही अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों में चीख-पुकार मच गई, कई होटल और दुकानें पानी और मलबे की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गईं।

धराली गांव में भारी तबाही, कई लोगों के दबने की आशंका
धराली बाजार का अधिकांश हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है। सूचना के अनुसार, कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य के लिए आर्मी, हर्षिल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना कर दी गई हैं। बाढ़ का प्रकोप इतना तेज था कि कई भवन पूरी तरह धराशायी हो गए।
बनाल पट्टी में अतिवृष्टि, बकरियां बह गईं
इसी के साथ उत्तरकाशी के बड़कोट तहसील क्षेत्र के बनाल पट्टी में भी भारी वर्षा ने कहर बरपाया। कुड गदेरा उफान पर आ गया, जिससे करीब डेढ़ दर्जन बकरियां बह गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
यमुनोत्री हाईवे और गंगोत्री मार्ग भी बाधित
लगातार हो रही बारिश के कारण स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे का 25 मीटर हिस्सा धंस गया है, जिससे आवाजाही पूरी तरह बंद हो चुकी है। वहीं, स्यानाचट्टी के दूसरी ओर से भी लगातार पहाड़ियों से बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे स्थिति और भी खतरनाक बन गई है।
गंगोत्री हाईवे भी मंगलवार को सुबह से दोपहर तक कई स्थानों पर मलबा आने के कारण बाधित रहा। प्रशासनिक टीमें मार्गों को सुचारु करने में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण स्थिति नियंत्रण में नहीं आ रही।
स्कूल बंद, चेतावनी जारी
मौसम विभाग के निदेशक रोहित थपलियाल ने जानकारी दी है कि 10 अगस्त तक पूरे प्रदेश में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, विशेष रूप से पर्वतीय इलाकों में। इसी को देखते हुए देहरादून, पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार जिलों में मंगलवार को स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।