चंपावत जिले में मंगलवार रात से शुरू हुई भारी बारिश बुधवार सुबह तक जारी रही, जिससे जिले के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। लगातार हो रही बारिश से कुल 11 सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग और ग्रामीण सड़कें शामिल हैं।

भारी बारिश के आंकड़े
बीते 24 घंटे में सोमेश्वर क्षेत्र में सर्वाधिक 136 मिमी बारिश दर्ज की गई है। अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी-खासी वर्षा हुई है जैसे:
- चौखुटिया: 75.0 मिमी
- रानीखेत: 55.0 मिमी
- अल्मोड़ा: 47.0 मिमी
- सुल्त: 24.5 मिमी
- जैण्टी: 12.0 मिमी
- जागेश्वर: 11.5 मिमी
- बैसियाछाना: 6.5 मिमी
- शीतलाखेत: 2.5 मिमी
जलाशयों और नदियों की स्थिति
कोसी बैराज का कुल डिस्चार्ज 10,272.50 क्यूसेक दर्ज किया गया है। बैराज डाउनस्ट्रीम का जलस्तर 1128.98 मीटर है, जो चेतावनी स्तर (1130.75 मीटर) और खतरे के स्तर (1131.70 मीटर) से नीचे बना हुआ है। जलाशय का वर्तमान जलस्तर 1133.80 मीटर है, जबकि अधिकतम भराव स्तर 1135.00 मीटर है। रामगंगा नदी का जलस्तर 923.00 मीटर है, जो खतरे के स्तर 923.725 मीटर से नीचे है। स्थिति फिलहाल स्थिर बताई गई है।
सड़क नेटवर्क पर प्रभाव और बंद सड़कें
बारिश और भूस्खलन की वजह से जिले में कुल 11 सड़कें बंद हैं।
- राष्ट्रीय राजमार्ग: 3 मार्ग बंद, जिसमें -109 भूस्खलन के कारण बंद है।
- राज्य राजमार्ग: 18 में से 3 मार्ग (-33, -14, -3) बंद हैं।
- ग्रामीण मार्गों में 6 मार्ग बंद हैं।
टनकपुर-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग स्वाला और संतोला स्थानों पर मलबा आने के कारण बंद है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन हो रहे हैं, जिससे सड़क खोलने में दिक्कत आ रही है।
प्रशासन की सतर्कता और अपील
जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है और पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने को कहा है। साथ ही 12वीं तक के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र लगातार तीसरे दिन बंद हैं। बनबसा में शारदा नदी का बहाव 1.56 लाख क्यूसेक बना हुआ है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।