चारधाम यात्रा हर साल करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक यात्रा होती है, जहां आस्था और विश्वास के साथ वे बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम का दर्शन करने जाते हैं। इस बार 30 अप्रैल 2025 से शुरू हुई यात्रा ने एक नया कीर्तिमान रच दिया है। 27 जुलाई तक 41 लाख से अधिक तीर्थयात्री चारधाम और हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।

मौसम की मार, लेकिन नहीं रुकी आस्था
इस वर्ष यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को खराब मौसम, भारी बारिश और हिमपात जैसी प्राकृतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। खासकर केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में मौसम कई बार यात्रा में बाधा बना। बावजूद इसके श्रद्धालुओं की आस्था डगमगाई नहीं। बड़ी संख्या में लोगों ने दर्शन किए और अपनी श्रद्धा को साबित किया।
आंकड़े बताते हैं बढ़ती श्रद्धा
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 30 अप्रैल से 27 जुलाई 2025 तक चारधाम और हेमकुंड साहिब में 41 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। ये संख्या पिछले साल की तुलना में कहीं अधिक है, जो यह दर्शाता है कि लोगों में चारधाम यात्रा के प्रति लगाव लगातार बढ़ रहा है।
ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा
यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने कई पंजीकरण केंद्र स्थापित किए हैं। यात्रा पंजीकरण के नोडल अधिकारी योगेंद्र गंगवार ने बताया कि प्रतिदिन 2000 से अधिक श्रद्धालु ऑफलाइन पंजीकरण करवा रहे हैं। हरिद्वार, हरबर्टपुर, ऋषिकेश और विकासनगर में ये केंद्र श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान कर रहे हैं।
भविष्य के लिए संदेश
चारधाम यात्रा 2025 यह साबित करती है कि जब बात आस्था की हो, तो कोई भी चुनौती श्रद्धालुओं के कदमों को रोक नहीं सकती। मौसम की मार, लंबा सफर और कठिनाइयों के बावजूद देशभर से लाखों लोग देवभूमि उत्तराखंड पहुंचे, जिससे यह यात्रा एक बार फिर ऐतिहासिक बन गई।