कांवड़ मेला चरम पर: डाक कांवड़ियों से गुलजार हुआ कनखल का बैरागी कैंप

हरिद्वार मेंसावन मास का कांवड़ मेला अब अपने पूर्ण चरम पर है। अब तक पैदल कांवड़ यात्रा से शहर भरा हुआ था, लेकिन अब डाक कांवड़ियों का सैलाब हरिद्वार और खासकर कनखल स्थित बैरागी कैंप क्षेत्र में उमड़ पड़ा है। डाक कांवड़ यात्रियों के लिए अगले पांच दिन हरिद्वार और आसपास का इलाका पूर्णतः समर्पित रहेगा।

कांवड़ मेला 2025
कांवड़ मेला 2025

क्या है डाक कांवड़ यात्रा?

डाक कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु तेज गति से, बाइक, कार, ट्रक या अन्य वाहनों में गंगाजल लेकर सीधे अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। इसे ‘डाक’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें शिवभक्त विशेष तीव्रता से अपने ईष्ट स्थल तक जल अर्पित करने निकलते हैं, जैसे कोई डाक सेवा संदेश ले जाती है।

बैरागी कैंप: डाक कांवड़ियों का अस्थायी ठिकाना

हरिद्वार प्रशासन ने बैरागी कैंप क्षेत्र को विशेष रूप से डाक कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दिया है। यह इलाका कुंभ, अर्धकुंभ और अन्य प्रमुख स्नान पर्वों में भी उपयोग किया जाता रहा है। अब यहां डाक कांवड़ियों के वाहन बड़ी संख्या में पार्क होंगे और सिंहद्वार से उन्हें विधिवत रवाना किया जाएगा।

आस्था के नए कीर्तिमान: आँकड़ों में कांवड़ मेला

  • 10 जुलाई से 17 जुलाई तक — 1 करोड़ 16 लाख 90 हजार शिवभक्त गंगाजल लेकर रवाना हो चुके हैं।
  • इनमें हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान के श्रद्धालुओं की भागीदारी सबसे अधिक रही।
  • पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 49 लाख 40 हजार था, जिससे साफ है कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या दोगुने से अधिक हो चुकी है।

आस्था के साथ बढ़ती चुनौतियाँ

इस अत्यधिक जनसैलाब के कारण प्रशासन की जिम्मेदारियाँ भी कई गुना बढ़ गई हैं। ट्रैफिक नियंत्रण, सुरक्षा, जलापूर्ति, चिकित्सा और साफ-सफाई के साथ-साथ वाहन पार्किंग और रात्री विश्राम की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की चुनौती है। हरिद्वार पुलिस और प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर नाके, चिकित्सा शिविर, और सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।

डाक कांवड़ यात्रा: 22 जुलाई तक रहेगा चरम

डाक कांवड़ियों का यह सैलाब अब 22 जुलाई 2025 तक चरम पर बना रहेगा। हर दिन लाखों की संख्या में डाक कांवड़िए बाइक, कार, और ट्रकों से हरिद्वार पहुंचेंगे, गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर कूच करेंगे।

 

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