देहरादून और इसके आसपास के इलाकों में मौसम का बदला मिजाज लोगों पर भारी पड़ता दिख रहा है। रविवार को जहां सुबह हल्की धूप ने राहत दी, वहीं शाम होते-होते तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। विशेषकर सहस्रधारा रोड, रायपुर और हाथीबड़कला क्षेत्रों में एक घंटे से अधिक समय तक झमाझम बारिश ने नदी-नालों को उफान पर ला दिया।

सुबह धूप, शाम को आफत
रविवार को दून में सुबह से हल्के बादलों के बीच धूप खिली रही। दोपहर की तेज़ धूप ने गर्मी का अहसास कराया, लेकिन शाम करीब चार बजे के आसपास मौसम ने अचानक करवट ली और शहर के कई हिस्सों में घने बादल छा गए। इसके बाद झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया।
70 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज
हाथीबड़कला, सहस्रधारा रोड और रायपुर क्षेत्रों में 70 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं घंटाघर, सर्वे चौक, राजपुर रोड, मालसी, जाखन, लाडपुर, कैनाल रोड जैसे इलाकों में भी तेज बौछारों ने मुश्किलें बढ़ा दीं। सहस्रधारा रोड पर आईटी पार्क के पास बना रपटा पानी से लबालब हो गया, जिससे कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित हुआ।
नदी-नालों में उफान, स्थानीयों में डर
रिस्पना और बिंदाल नदियों समेत क्षेत्रीय नाले उफान पर आ गए हैं। इनकी चपेट में आने से कई जगहों पर सड़कें और सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम और आपदा प्रबंधन विभाग से सुरक्षा इंतज़ामों की मांग की है। लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन और जलभराव का खतरा भी बना हुआ है।
आगे भी राहत नहीं, भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। अगले कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। विशेष रूप से देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज़ बौछारें पड़ने की संभावना है। कहीं-कहीं आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
सावधानी ही सुरक्षा
बारिश के इस दौर में प्रशासन को चाहिए कि रिस्पना-बिंदाल जैसी संवेदनशील नदियों पर विशेष निगरानी रखे और सुरक्षा इंतज़ामों को प्राथमिकता दे। साथ ही, स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है ताकि किसी भी आपदा से समय रहते बचाव हो सके।