देहरादून में बुजुर्ग से मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर 18 लाख की साइबर ठगी

 साइबर ठगी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है और ठग नई-नई तरकीबों से लोगों को डराकर उनकी गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 18 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।

साइबर ठगी
साइबर ठगी

मुंबई साइबर सेल का अधिकारी बनकर किया फोन

पीड़ित सुभाष रस्तोगी, निवासी तुलास ग्रीन, सिनोला (देहरादून) ने बताया कि उन्हें एक जुलाई को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉलर ने खुद को मुंबई साइबर क्राइम सेल का वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार व्यक्ति नरेश गोयल ने पूछताछ में आपके बैंक अकाउंट का नाम लिया है, जो मुंबई में स्थित है और उसमें 6.80 लाख रुपये जमा हैं।

जब रस्तोगी ने कहा कि उनका मुंबई में कोई खाता नहीं है और केवल देहरादून में ही बैंक खाता है, तो आरोपी ने और दबाव बनाया और उन्हें देहरादून आकर जांच में सहयोग करने को कहा।

गिरफ्तारी की धमकी और झूठे जज-पुलिस दिखाए

रस्तोगी ने बताया कि उनकी उम्र अधिक है, पत्नी विदेश में रहती हैं और वे अकेले हैं, इसलिए तत्काल आना मुश्किल है। इस पर ठगों ने धमकी दी कि गिरफ्तारी हो सकती है। उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए कुछ लोगों को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सुप्रीम कोर्ट के जज बताकर दिखाया और कहा कि जांच में सहयोग नहीं करने पर पूरे परिवार को फंसाया जाएगा। डर और तनाव में आकर अगले दिन वे देहरादून पहुंचे और ठगों द्वारा बताए गए खाते में 18 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

दोबारा मांगे गए 15 लाख, तब टूटी नींद

रकम ट्रांसफर के बाद आश्वासन दिया गया कि जांच पूरी होने के बाद दो-तीन दिन में रकम लौटा दी जाएगी। लेकिन 7 जुलाई को जब उन्होंने बैंक जाकर पूछताछ की, तो पता चला कि पैसा वापस नहीं आया है। बाद में ठगों ने फिर से 15 लाख की मांग की। संदेह होने पर जब उन्होंने मित्रों से चर्चा की तो मामला साइबर ठगी का निकला।

 मामला दर्ज, जांच शुरू

राजपुर थानाध्यक्ष शैंकी कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस साइबर सेल की मदद से फोन नंबर और खातों की जानकारी जुटा रही है।

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