उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में आई आपदा के चलते गंगोत्री धाम तक जाने वाला मार्ग बीते नौ दिनों से बाधित है। भारी बारिश के कारण डबरानी, सोनगाड़, लोहारीनागा, हर्षिल और धराली में मलबा आने और भू-धंसाव से राष्ट्रीय राजमार्ग 108 पूरी तरह बंद है। हालांकि प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के लगातार प्रयासों से अगले तीन से चार दिनों में मार्ग खोलने की उम्मीद जताई जा रही है।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्या ने धराली से जानकारी दी कि फिलहाल मलबा हटाने और सड़क को सुचारु करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। हालांकि रास्ता खुलने के बाद भी तीर्थयात्रा पर रोक रहेगी, क्योंकि रास्तों की स्थिति बेहद ख़राब है और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

राहत सामग्री हेलिकॉप्टर से पहुंचाई जा रही
वर्तमान में डबरानी, सोनगाड़, लोहारीनागा, हर्षिल और धराली जैसे इलाकों में सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद है। ऐसे में हेलिकॉप्टर के माध्यम से दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं और राहत सामग्री प्रभावितों तक पहुंचाई जा रही हैं। नेताला में अस्थायी रूप से रास्ता खुला है, लेकिन वहां भी लगातार मलबा आने से स्थिति नाजुक बनी हुई है।
गंगोत्री को छोड़ तीनों धामों के रास्ते खुले
लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय ने बताया कि गंगोत्री को छोड़कर बदरीनाथ, केदारनाथ और यमुनोत्री के मार्ग फिलहाल खुले हैं। बदरीनाथ मार्ग में पागलनाला के पास बार-बार मलबा गिर रहा है, लेकिन उसे हटा दिया जा रहा है। यात्रा अन्य तीन धामों के लिए जारी है, परन्तु स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
लापता लोगों की तलाश जारी
धराली में आपदा के बाद से लापता लोगों की खोज में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन लगातार जुटे हैं। डॉग स्क्वाड, थर्मल कैमरे और GPS उपकरणों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है। अब तक मात्र एक शव बरामद हुआ है।
एसडीआरएफ के आईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि हर दिन की समीक्षा बैठक के बाद तय किया जाता है कि किन क्षेत्रों में तलाश अभियान चलाया जाएगा। सड़कें बंद होने के कारण मलबा हटाने की प्रक्रिया भी बाधित हो रही है।