उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कोसी और शिप्रा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदियों के उफान पर आने से तटवर्ती इलाकों में दहशत का माहौल बन गया है। कई ग्रामीण तो पुराने हादसों को याद कर चिंतित हैं और छतों पर चढ़कर नदी के बहाव पर नजर रख रहे हैं।

पांच साल पहले की त्रासदी की यादें ताजा
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब पांच वर्ष पूर्व भी कोसी और शिप्रा नदियों के उफान ने भारी तबाही मचाई थी, जिसकी यादें अब दोबारा डर के रूप में उभर आई हैं। गांव के लोग किसी भी अनहोनी से बचने के लिए लगातार नदी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन की मुनादी, श्री कैंची धाम क्षेत्र में अलर्ट
श्री कैंची धाम तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और मुनादी कर क्षेत्रवासियों से नदी से दूर रहने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है, इसलिए सतर्कता जरूरी है।
बर्धो क्षेत्र में पशु फंसे, मची अफरा-तफरी
बर्धो क्षेत्र में कोसी नदी के बीचों-बीच दर्जनभर गौवंशीय पशु फंस गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन तेज बहाव के कारण राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।
ग्रामीणों की सतर्कता
नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीण छतों पर चढ़कर खुद ही बहाव की निगरानी कर रहे हैं। लोग अपने परिवार और पशुधन को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी में जुटे हैं।