नैनीताल के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा 11 की छात्रा और दूसरे समुदाय के युवक के बीच प्रेम-प्रसंग का मामला सांप्रदायिक तनाव में बदलने से बाल-बाल बच गया। बुधवार रात यह मामला तब तूल पकड़ गया जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली के बाहर जमकर नारेबाजी की।

मामला कैसे शुरू हुआ?
मल्लीताल क्षेत्र के युवक को दिन में एक अन्य लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में पूछताछ के लिए कोतवाली लाया गया था। इसी दौरान स्कूल छात्रा भी अपनी दादी के साथ कोतवाली पहुंची और युवक के समर्थन में वहां बैठी रही। जब देर रात तक दोनों घर नहीं पहुंचे, तो परिजन कोतवाली पहुंचे। वहां बेटी को युवक के साथ देख परिजन भड़क गए और लड़की को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद छात्रा ने परिजनों के साथ घर जाने से इनकार कर दिया।
संगठन हुए सक्रिय
मामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता रात आठ बजे कोतवाली पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थानों से पुलिस बल बुलाया गया और मस्जिद के आसपास भी सुरक्षा तैनात कर दी गई।
मौलाना की टिप्पणी और विवाद
इसी दौरान एक मौलाना कोतवाली पहुंचे और उन्होंने कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे माहौल और बिगड़ गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौलाना पर धमकी देने का आरोप लगाया और उनके खिलाफ तहरीर दी।
युवक के घर पर हमला
घटना के बाद जब प्रदर्शनकारी युवक के घर सूखाताल पहुंचे और युवक वहां नहीं मिला, तो उन्होंने उसके पिता नजर खान की पिटाई कर दी। परिजनों ने किसी तरह उन्हें बचाकर पड़ोसियों के घर छिपाया और पुलिस को सूचना दी। घायल को अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी घटना
पूर्व में मल्लीताल में हुई दुष्कर्म की घटना के बाद माहौल पहले से ही संवेदनशील बना हुआ था। इस बार भी सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अतिरिक्त बल की तैनाती से स्थिति पर काबू पाया गया।