उत्तराखंड की पर्वतीय धरती पर एक बार फिर आध्यात्मिक आस्था का अद्भुत चमत्कार देखने को मिला है। उत्तरकाशी जनपद के नेलांग घाटी स्थित नीलापानी क्षेत्र में अमरनाथ गुफा की तरह बर्फ से निर्मित शिवलिंग की दिव्य आकृति पाई गई है। यह खोज राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के पर्वतारोहण दल द्वारा की गई है।
4300 मीटर की ऊँचाई पर स्थित यह गुफा और उसमें मौजूद शिवलिंग समान आकृति ने सभी को चौंका दिया है। इसे स्थानीय नाम “नीलेश्वर महादेव” दिया गया है, जो इसकी दिव्यता और स्थान विशेष से जुड़ाव को दर्शाता है।
कैसे हुआ यह अनोखा खुलासा?
5 अप्रैल 2025 को SDRF का एक 20 सदस्यीय पर्वतारोहण दल नीलापानी क्षेत्र में स्थित 6054 मीटर ऊंची एक अनाम चोटी के आरोहण पर निकला था। रास्ते में लगभग 4300 मीटर की ऊंचाई पर दल के सदस्यों को एक गुफा में शिवलिंग के समान बर्फ से बनी दिव्य आकृति के दर्शन हुए।
27 अप्रैल को चोटी फतह करने के बाद, वापसी में टीम ने फिर से उस शिवलिंग रूपी आकृति को देखा और इसे “नीलेश्वर महादेव” नाम दिया। इस खोज की विस्तृत रिपोर्ट SDRF ने राज्य सरकार को सौंप दी है।
प्राकृतिक चमत्कार या आध्यात्मिक संकेत?
गंगोत्री नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि नीलापानी जैसे ऊँचाई वाले क्षेत्रों में शीतकाल में भारी बर्फबारी के कारण इस प्रकार की आकृतियां बन सकती हैं, जो मई-जून में पिघल जाती हैं। हालांकि आकृति की दिव्यता और आकार ने इसे विशेष बना दिया है, जिससे यह लोगों की आस्था और अध्यात्म से जुड़ गई है।
सीमित पहुंच वाला संवेदनशील इलाका
नीलापानी क्षेत्र इनर लाइन क्षेत्र में आता है, जो कि भारत-चीन सीमा से महज 25–30 किमी की दूरी पर स्थित है। यहां आम नागरिकों का जाना प्रतिबंधित है और विशेष अनुमति के बाद ही पर्यटकों को नेलांग और जादूंग तक पहुंच की अनुमति दी जाती है।
आध्यात्मिक पर्यटन की संभावना?
SDRF द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के आधार पर अब यह विचार किया जा रहा है कि क्या इस क्षेत्र को भविष्य में आध्यात्मिक यात्रा से जोड़ा जा सकता है। यह निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर ही लिया जाएगा। यदि अनुमति मिली, तो यह क्षेत्र अमरनाथ यात्रा की तरह उत्तराखंड में एक नया धार्मिक तीर्थ स्थल बन सकता है।