त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। उन क्षेत्रों में जहां मोबाइल नेटवर्क या टेलीफोन कनेक्टिविटी नहीं है, यानी ‘शैडो एरिया’, वहां अब पुलिस के वायरलेस सेट और सेटेलाइट फोन के माध्यम से संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने वर्चुअल बैठक के माध्यम से लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, परिवहन, पुलिस, प्रशासन, आपदा प्रबंधन समेत सभी प्रमुख विभागों के नोडल अधिकारियों से चर्चा की। बैठक में उन्होंने सभी को निर्देशित किया कि चुनाव अवधि के दौरान सभी विभाग अपने-अपने कंट्रोल रूम को 24 घंटे चालू रखें और किसी भी आपात सूचना का तत्काल निस्तारण करें।

संचार और यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस
निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि किसी भी पोलिंग पार्टी को गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। अगर कहीं सड़क बाधित होती है तो लोक निर्माण विभाग व संबंधित एजेंसियां तत्काल कार्रवाई करें और न्यूनतम समय में यातायात बहाल करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संचार व्यवस्था चुनाव के सफल संचालन की रीढ़ है। इसलिए जिन क्षेत्रों में नेटवर्क नहीं है, वहां वैकल्पिक संचार माध्यम जैसे वायरलेस सेट और सेटेलाइट फोन का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
मौसम व आपदा पर पैनी नजर
चुनाव के दौरान मौसम की संभावित गतिविधियों, आपदा या सड़क मार्गों की स्थिति पर जिलाधिकारी और निर्वाचन प्रेक्षक लगातार निगरानी रखेंगे। सचिव राहुल गोयल ने जानकारी दी कि निर्वाचन से जुड़ी सभी टीमें अलर्ट मोड में हैं और उनका उद्देश्य है कि चुनाव शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हों।