देहरादून में मानसून सीजन के चलते नागरिकों को कई सड़कों पर गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शहर में जिन क्षेत्रों में सीवर लाइन, पेयजल, गैस और बिजली की भूमिगत लाइनें बिछाने का कार्य हुआ है, वहां की सड़कों की हालत बदतर हो गई है। अधूरी खुदाई और मलबे से चोक हुई नालियां, बारिश के पानी को बहने से रोक रही हैं। इससे सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरने से आवाजाही मुश्किल हो गई है।

क्यूआरटी की तैनाती और जिलाधिकारी की सख्ती
हालात को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने त्वरित रिस्पॉन्स टीम (QRT) को फील्ड में उतारा है। कई जगहों पर टीम ने समस्या का समाधान भी किया है, लेकिन बंजारावाला क्षेत्र में हालात सुधर नहीं पाए हैं। लक्ष्य एन्क्लेव और आसपास के इलाकों से लगातार जलभराव की शिकायतें मिल रही हैं।
जिलाधिकारी ने यूयूएसडीए (कार्यदायी संस्था) को कड़ी चेतावनी दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अधूरी सड़क मरम्मत का कार्य तीन दिन के भीतर पूरा किया जाए, अन्यथा एफआईआर दर्ज की जाएगी। उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी ने भी मौके पर जाकर कार्य की प्रगति का जायजा लिया और जिलाधिकारी की चेतावनी दोहराई।
अवैध कनेक्शन से सीवर चोक
एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। दून अस्पताल मार्ग पर एक नाले की अवैध पाइपलाइन को सीधे सीवर लाइन से जोड़ दिया गया था, जिससे नाले का कचरा सीवर में जाने लगा और लाइन पूरी तरह चोक हो गई।
क्यूआरटी की जांच के दौरान बोतलें, मलबा, प्लास्टिक और अन्य कचरा भारी मात्रा में निकाला गया। टीम ने न केवल पाइपलाइन को बंद कराया, बल्कि सीवर की सफाई कर उसे फिर से चालू कराया। इससे पहले प्रिंस चौक और बंजारावाला में भी इस तरह की समस्याएं सामने आ चुकी हैं।
समस्या की जड़: अधूरे काम और लापरवाही
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सड़कों की खुदाई के बाद मरम्मत अधूरी छोड़ दी गई।
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नालियों की सफाई न होने से जल निकासी ठप।
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निर्माण सामग्री और मलबा रास्तों में पड़ा है।
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अवैध रूप से नालों को सीवर से जोड़ा गया।