उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। राज्यभर में कई राष्ट्रीय और ग्रामीण सड़कें मलबा और भूस्खलन की चपेट में आ गई हैं, जिससे आवागमन ठप हो गया है। विशेष रूप से यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग जगह-जगह पर बंद हो चुके हैं।

यमुनोत्री हाईवे पर मलबे का कहर
यमुनोत्री हाईवे पर रानाचट्टी, स्यानाचट्टी और पाली गाड़ के पास भारी मात्रा में मलबा आ गया है, जिससे सड़क पूरी तरह बाधित हो गई है। प्रशासन द्वारा मार्ग को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है, लेकिन बारिश के चलते रुकावटें आ रही हैं।
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद
गंगोत्री हाईवे पर डबरानी के पास मलबा और बड़े-बड़े पत्थरों के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया है। चारधाम यात्रा कर रहे श्रद्धालु और पर्यटक इन मार्गों पर फंसे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन खराब मौसम के चलते कार्य में दिक्कत आ रही है।
प्रदेशभर में 59 सड़कें बंद
उत्तराखंड में कुल 59 सड़कें अब तक बंद हो चुकी हैं, जिनमें तवाघाट-घटियाबगड़-लिपुलेख राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल है। यहां मलघट के पास मलबा आने से मार्ग पूरी तरह ठप हो गया है।
जिलेवार स्थिति:
- पिथौरागढ़: 19 सड़कें बंद, धारचूला-तवाघाट और जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग भी बाधित
- देहरादून: 5 सड़कें
- चमोली: 8 सड़कें
- बागेश्वर: 4 सड़कें
- रुद्रप्रयाग: 4 सड़कें
- पौड़ी: 5 सड़कें
- उत्तरकाशी: 11 सड़कें
- अल्मोड़ा, टिहरी, नैनीताल: 1-1 सड़क
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अन्य जिलों में भी तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन की अपील
राज्य प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। स्थानीय प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।