उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगी बिजली का झटका लग सकता है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर जन सुनवाई का दौर जारी है। आयोग के अध्यक्ष एम.एल. प्रसाद और सदस्य विधि अनुराग शर्मा की अध्यक्षता में यह सुनवाई हो रही है।

5.82% तक बढ़ सकती है बिजली दरें
उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने आयोग में दायर अपनी याचिका में 674.77 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली की अनुमति मांगी है। यह राशि पिछले और आगामी खर्चों को मिलाकर उपभोक्ताओं से वसूलने की योजना है। अगर यह मांग स्वीकार होती है, तो राज्य में बिजली दरों में औसतन 5.82 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।
पहले ही हो चुकी है 5.62% की बढ़ोतरी
गौरतलब है कि इस साल 11 अप्रैल 2025 को आयोग ने टैरिफ आदेश जारी करते हुए 5.62 प्रतिशत की बढ़ोतरी पहले ही मंजूर की थी। उस समय आयोग ने यूपीसीएल की मांगों में कटौती की थी, लेकिन अब खर्चों के पुनर्मूल्यांकन के आधार पर यूपीसीएल ने पुनः दरें बढ़ाने की मांग रखी है।
27 लाख उपभोक्ताओं पर असर
उत्तराखंड में करीब 27 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिन्हें इस बढ़ोतरी का सीधा असर भुगतना पड़ सकता है। घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए यह एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित हो सकता है।