उत्तराखंड में मॉनसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार रात से जारी मूसलाधार वर्षा ने पहाड़ों से लेकर मैदानों तक जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहां एक ओर भूस्खलन और बोल्डर गिरने से यातायात ठप हो गया है, वहीं दूसरी ओर नदी-नालों के उफान से बाढ़ जैसे हालात बनते जा रहे हैं।
चारधाम यात्रा मार्ग बाधित
बदरीनाथ हाईवे पर रुद्रप्रयाग जिले के खांकरा और सिरोबगड़ के बीच भारी भूस्खलन के चलते यातायात नौ घंटे तक ठप रहा। इस दौरान दस हजार से अधिक यात्री फंसे रहे और हाईवे के दोनों ओर करीब हजार से अधिक वाहनों की कतार लग गई। वहीं, कोटद्वार में दुगड्डा के पास नजीबाबाद-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग भी छह घंटे तक बंद रहा।
देहरादून में 100 मिमी से अधिक वर्षा
राज्य की राजधानी देहरादून में पिछले 24 घंटे में 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। शहर के कई इलाकों में पानी घरों और दुकानों में घुस गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। दीवारें ढहने और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की खबरें भी सामने आई हैं।
कुमाऊं क्षेत्र में रिकॉर्ड वर्षा
कुमाऊं मंडल के कुछ क्षेत्रों में भी भारी वर्षा दर्ज की गई है। बनबसा में करीब 200 मिमी बारिश हुई है। बारिश के कारण तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट देखी गई है। मुक्तेश्वर और नई टिहरी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड का एहसास होने लगा है।
प्रमुख शहरों का तापमान (अधिकतम / न्यूनतम):
- देहरादून: 26.8°C / 20.5°C
- ऊधमसिंह नगर: 32.0°C / 24.0°C
- मुक्तेश्वर: 23.0°C / 13.2°C
- नई टिहरी: 18.6°C / 13.9°C
आज भी भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सोमवार को भी कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी और रुद्रप्रयाग में बहुत भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। साथ ही नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गर्जना, बिजली चमकने और झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।