देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके एक जासूस को राजस्थान में गिरफ्तार किया गया है, जो मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले का रहने वाला है। आरोपी महेंद्र प्रसाद पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारतीय सेना और डीआरडीओ से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप है।

कहां से और कैसे हुआ गिरफ्तार?
महेंद्र प्रसाद को राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित चंदन फील्ड फायरिंग रेंज के पास बने डीआरडीओ गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया गया। वह वहां मैनेजर के पद पर कार्यरत था। बीते दिनों सीआईडी और जैसलमेर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर उसे दबोचा।
कैसे करता था जासूसी?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, महेंद्र इंटरनेट मीडिया के ज़रिए सीधे ISI के संपर्क में था। वह डीआरडीओ और भारतीय सेना के वैज्ञानिकों की गतिविधियों, मिसाइल परीक्षण, हथियार प्रणाली, और फायरिंग शेड्यूल जैसी बेहद संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान को भेजता था।
यह रेंज रणनीतिक रूप से देश के लिए बहुत अहम मानी जाती है, जहां नई रक्षा तकनीकों और हथियारों का परीक्षण किया जाता है। ऐसे में इस जासूसी को राष्ट्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है।
कौन है महेंद्र प्रसाद?
महेंद्र उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के भैसियाछाना ब्लॉक के प्लयू गांव का रहने वाला है। वह करीब एक दशक पहले नौकरी के सिलसिले में राजस्थान चला गया था और गांव से उसका संपर्क लगभग टूट गया था। उसके गांव में खबर पहुंचते ही सन्नाटा और अविश्वास का माहौल फैल गया। ग्रामीणों ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया और कहा कि वह बहुत कम ही गांव आता था।
परिवार और संपर्क की जांच
बताया जा रहा है कि महेंद्र ने अपने पिता और भाई को दिल्ली में नौकरी दिलाई थी, जबकि खुद राजस्थान में रहने लगा था। उसका अपने चाचा दीवान राम से भी कोई संपर्क नहीं था। अब राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके कौन-कौन से संपर्क सूत्र और सहयोगी थे।