उत्तराखंड में मतांतरण रैकेट का खुलासा, रहमान ने संभाली थी गिरोह की कमान

उत्तराखंड पुलिस की जांच में धार्मिक मतांतरण से जुड़े एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, शंकरपुर, सहसपुर निवासी अब्दुल रहमान वर्ष 2012 में इस गिरोह के मुख्य सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के संपर्क में आया था। इसके बाद रहमान को गिरोह में शामिल किया गया और उसे हिंदू युवतियों का धर्म परिवर्तन करवाकर मुनाफा कमाने का लालच दिया गया।

मतांतरण गिरोह
मतांतरण गिरोह

छांगुर से संपर्क के बाद शुरू हुआ खेल

पुलिस सूत्रों के अनुसार:

  • अब्दुल रहमान ने गिरोह में शामिल होने के बाद उत्तराखंड में मतांतरण रैकेट की बागडोर संभाल ली।
  • उसने दो विवाह किए — एक देहरादून में और दूसरा लखनऊ में। दोनों शादियों से उसके आठ बच्चे हैं।
  • रहमान लगातार सरगना छांगुर के संपर्क में रहा और राज्य में रैकेट को सक्रिय रूप से संचालित करता रहा।

मतांतरण के लिए लालच और झूठे वादे

जांच में यह भी सामने आया है कि रहमान और उसके गिरोह के सदस्य:

  • युवतियों को नौकरी, पैसे और बेहतर जीवन का लालच देते थे।
  • उन्हें इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया) के जरिए टारगेट किया जाता था।
  • फिर संबंध स्थापित कर उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता था।

गिरोह में शामिल किए गए युवक-युवतियाँ

पुलिस के मुताबिक, रहमान ने पांच युवक-युवतियों को गिरोह में शामिल किया था। ये सभी:

  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव थे।
  • उन्हें विशेष रूप से युवतियों से संपर्क कर मतांतरण के लिए तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

पुलिस कर रही विस्तृत जांच

  • पुलिस अब उन युवतियों से संपर्क कर रही है, जिनका धर्म परिवर्तन करवाया गया।
  • डिजिटल सबूत, सोशल मीडिया रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है।
  • पुलिस ने यह संकेत भी दिए हैं कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है।

 

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