उत्तराखंड इन दिनों मानसून की भीषण मार झेल रहा है। पर्वतीय जिलों से लेकर मैदानी इलाकों तक भारी बारिश और भूस्खलन ने हाहाकार मचा दिया है। जहां एक ओर उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग में पहाड़ दरक रहे हैं, वहीं मैदानी जिलों देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं।

पहाड़ों में बादल फटा, सड़कें बंद
पौड़ी जिले के एक गांव में बादल फटने की घटना से कई घरों और खेतों को नुकसान पहुंचा है। टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग में भी लगातार बारिश से लैंडस्लाइड हो रहे हैं। कई स्थानों पर राष्ट्रीय और राज्य मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। राहत और बचाव दल घटनास्थलों पर तैनात हैं, लेकिन लगातार बारिश उनके कार्य में बाधा बन रही है।
कुमाऊं में हालात चिंताजनक
कुमाऊं मंडल के बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल जिलों में नदी-नालों के उफान पर आने से कई गांवों में पानी भर गया है। फसलों और जन-संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। मैदानी क्षेत्र जैसे हल्द्वानी और काशीपुर में भी भारी जलभराव से आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार:
- देहरादून, पौड़ी, बागेश्वर, चंपावत और नैनीताल में भारी बारिश की संभावना को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
- राज्य के अन्य जिलों में आकाशीय बिजली और तेज गर्जना के साथ वर्षा की चेतावनी दी गई है।
- प्रदेशभर में अगले तीन दिनों तक यलो अलर्ट लागू रहेगा।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और नालों के पास न जाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।