उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बाद हालात बिगड़ते जा रहे हैं। राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन और मलबा आने से दो राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 54 सड़कें बाधित हो गई हैं। इससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (State Emergency Operation Center) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चमोली जिले में जोशीमठ-मलारी-नीती राष्ट्रीय राजमार्ग भापकुंड के पास भारी चट्टान गिरने के कारण बंद हो गया है। इसी प्रकार, पिथौरागढ़ जिले में घटियाबगड़-लिपुलेख-गुंजी राष्ट्रीय राजमार्ग भी किलोमीटर 11 पर लमारी के पास अवरुद्ध हो गया है।

ज़िलावार स्थिति
राज्य भर में बंद सड़कों की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- चमोली: 10 सड़कें बंद
- पिथौरागढ़: 9 सड़कें, जिसमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल
- पौड़ी: 11 सड़कें बंद
- रुद्रप्रयाग: 7 सड़कें
- टिहरी: 6 सड़कें
- उत्तरकाशी: 5 सड़कें
- देहरादून: 3 सड़कें
- नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर: प्रत्येक में 1-1 सड़क बंद
यात्रियों और प्रशासन के लिए चुनौती
भूस्खलन और सड़क बंद होने की वजह से कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है। यात्रियों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने में कई घंटे अतिरिक्त लग रहे हैं, और कई जगहों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
प्रशासन की ओर से जेसीबी और संबंधित मशीनरी तैनात की गई है, ताकि सड़कों को जल्द से जल्द साफ कर सामान्य यातायात बहाल किया जा सके। हालांकि, लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।
सतर्कता और अपील
प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों से अपील की है कि वे मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करें। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।