स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 की रिपोर्ट में उत्तराखंड के लिए सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। राज्य के 107 शहरी निकायों में से 27 की राष्ट्रीय रैंकिंग में जबरदस्त सुधार हुआ है।

लालकुआं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
उत्तराखंड का लालकुआं नगर निकाय, इस बार राज्य में पहला स्थान पाने के साथ-साथ राष्ट्रीय रैंकिंग में 1751वें स्थान से छलांग लगाकर 54वें स्थान पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति द्वारा “उभरते हुए स्वच्छ शहर” के तौर पर पुरस्कृत किया गया है, जो पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है।
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले अन्य नगर निकाय
नगर निकाय | राज्य रैंक | राष्ट्रीय रैंक (2024) | पिछली रैंक |
---|---|---|---|
लालकुआं | 01 | 54 | 1751 |
रुद्रपुर | 02 | 68 | 417 |
मसूरी | 03 | 169 | 1341 |
डोईवाला | 04 | 299 | 1518 |
पिथौरागढ़ | 05 | 177 | 2611 |
भीमताल | 06 | 350 | 3207 |
भवाली | 07 | 352 | 3090 |
चिन्यालीसौड़ | 08 | 357 | 3008 |
कोटद्वार | 09 | 232 | 305 |
ऋषिकेश | 10 | 249 | 304 |
ऋषिकेश: गंगा घाटों की स्वच्छता में अव्वल
गंगा किनारे बसे शहरों की स्वच्छता श्रेणी में ऋषिकेश के गंगा घाट सबसे स्वच्छ पाए गए। इसने अन्य गंगा टाउन जैसे हरिद्वार, मुनिकीरेती, श्रीनगर को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष पर जगह बनाई।
कचरा मुक्त शहरों की श्रेणी में हल्का सुधार
- पिछले वर्ष केवल नगर निगम देहरादून को 3 स्टार मिले थे।
- इस वर्ष लालकुआं, रुद्रपुर, डोईवाला और विकासनगर को 1-स्टार रेटिंग मिली है।
- देहरादून का प्रदर्शन शून्य रहा, जो चिंता का विषय है।
कैंट बोर्ड की रैंकिंग
उत्तराखंड के 9 कैंटोनमेंट बोर्डों में:
- लैंसडौन को मिला 17वां स्थान,
- रानीखेत को 18वां,
- रुड़की को 22वां स्थान।
अन्य बोर्ड जैसे गढ़ी कैंट, चकराता, नैनीताल कैंट आदि भी सूची में शामिल रहे।
कमी कहां रही?
जहां छोटे निकायों ने उल्लेखनीय सुधार दिखाया, वहीं बड़े नगर निगम जैसे:
- हल्द्वानी, हरिद्वार, काशीपुर, रुड़की का प्रदर्शन कमतर रहा।
- डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रीकरण का प्रतिशत भी 69.76% से गिरकर 56.6% पर आ गया है।