उत्तराखंड परिवहन निगम को झटका, बेड़े से बाहर हुईं पांच वॉल्वो बसें

उत्तराखंड परिवहन निगम की बहुप्रचारित वॉल्वो बस सेवा को बड़ा झटका लगा है। यात्रियों को उच्च गुणवत्ता और आरामदायक परिवहन सेवा देने का दावा करने वाला निगम अपने प्रीमियम यात्रियों को सुविधा देने में विफल साबित हो रहा है। सोमवार को निगम की पांच वॉल्वो बसों का अनुबंध समाप्त हो गया, जिससे ये बसें संचालन से बाहर हो गईं। इससे देहरादून-दिल्ली और देहरादून-पांवटा-चंडीगढ़ मार्गों पर यात्रा कर रहे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

उत्तराखंड परिवहन निगम
उत्तराखंड परिवहन निगम

सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ दिल्ली मार्ग

देहरादून से दिल्ली तक चलने वाली चार नॉन-स्टॉप वॉल्वो बसें और एक चंडीगढ़ मार्ग की बस अनुबंध खत्म होने के कारण बंद हो गई हैं। तीन अगस्त को दो और वॉल्वो बसों का अनुबंध समाप्त हो रहा है। इससे आगामी दिनों में कुल सात वॉल्वो बसें निगम के बेड़े से बाहर हो जाएंगी।

मुनाफे वाला रूट, फिर भी कोई तैयारी नहीं

दिल्ली रूट को निगम सबसे मुनाफे वाला मार्ग मानता है। फिर भी नई बसों के अनुबंध को लेकर कोई ठोस तैयारी नहीं की गई है। वर्तमान में निगम के पास 33 वॉल्वो बसों में से केवल 12 बीएस-6 मानक की हैं, जबकि शेष बीएस-4 बसें हैं। दिल्ली में प्रदूषण के नियमों के कारण बीएस-4 बसों पर प्रतिबंध पहले भी लगाया गया था।

दावे रह गए कागज़ों तक

निगम ने पहले दावा किया था कि बीएस-4 बसों के स्थान पर बीएस-6 बसों का अनुबंध किया जाएगा और नई बस ऑपरेटरों को आमंत्रित किया जाएगा। लेकिन पिछले नौ महीनों में एक भी नई वॉल्वो बस का अनुबंध नहीं हो पाया है। इसका सीधा असर उच्च श्रेणी व मध्यमवर्गीय यात्रियों पर पड़ेगा, जो इन बसों से नियमित यात्रा करते हैं।

प्रभावित रूट और समय

अब बंद हुईं बसें:

  • दून-दिल्ली: सुबह 8:30, 10:30, 11:30, शाम 5:00 बजे
  • दून-चंडीगढ़: दोपहर 12:30 बजे

तीन अगस्त से हटने वाली बसें:

  • दिल्ली मार्ग की सुबह 9:30 और रात 11:30 बजे वाली बसें

क्या कहते हैं अधिकारी?

अनुबंध समाप्त होने के कारण पांच वॉल्वो बसें संचालन से बाहर हो गई हैं। दो बसें अगले महीने हटनी हैं। इनके स्थान पर नई वॉल्वो बसों के अनुबंध की प्रक्रिया निगम मुख्यालय स्तर पर जारी है।
राजीव गुप्ता, एजीएम, ग्रामीण डिपो

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *